संतकबीरनगर में जिला अस्पताल के औचक निरीक्षण में गंदगी देख भड़के सदर विधायक अंकुर राज तिवारी, कहा-व्यवस्थाओं को सुधारे नहीं तो होगी कार्रवाई,

संतकबीरनगर । यूपी सरकार सेकेंड फेज में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के बाद अब संतकबीरनगर के संयुक्त जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानने पहुंचे खलीलाबाद के सदर विधायक अंकुर राज तिवारी। उन्होंने अस्पताल में पहुंचते ही गंदगी देख सफाई ठेकेदार पर भड़क गए। उन्होंने सीएमएस डॉ. ओपी चतुर्वेदी को हिदायत दी कि वह हर सप्ताह अस्पताल का निरीक्षण करेंगे, कोई शिकायत या कमी पाई गई तो सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने बारी-बारी से इमरजेंसी वार्ड से लेकर के जनरल वार्ड में पहुंचकर हर बेड पर मरीजों से स्वास्थ्य विभाग के बारे में जानकारी ली।
आपको बता दें कि खलीलाबाद के सदर विधायक अंकुर राज तिवारी अस्पताल के औचक निरीक्षण करने सुबह 8:30 बजे अकेले ही पहुंच गए थे, जिन्होंने पर्ची काउंटर से लेकर के इमरजेंसी टेबल और ओपीडी का वास्तविक हाल जाना, लेकिन ओपीडी के दौरान अपने कमरे से कई चिकित्सक गायब मिलें, जिससे मरीजों को काफी देर से तक लाइन में खड़ा होना पड़ता है। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। इसके बाद उन्होंने प्रसव के नाम पर धन उगाही की शिकायत पर जिम्मेदारों को जमकर फटकार लगाई है। विकलांग सर्टिफिकेट के लिए बैठे लोगों से पूछताछ कर उनके समस्याएं सुनी और और इन सभी स्वास्थ्य संबंधित व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का सीएमएस को निर्देश दिया। विधायक ने संयुक्त जिला चिकित्सालय की अव्यवस्थाओं को उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराते हुए इसे ठीक कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि कई चिकित्सक स्थल पर मरीजों को ने देखकर बल्कि प्राइवेट अस्पतालों पर मरीजों को भेजते हैं, जो सरकार की मंशा के विपरीत है, जबकि अस्पताल में मरीजों के लिए सभी व्यवस्थाएं निशुल्क है। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि छोटी-छोटी मामलों में लापरवाही के कारण चिकित्सकों द्वारा मरीजों को गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया जाता है, जिससे मरीजों को काफी परेशानी होती है। सदर विधायक ने सीएमओ से स्वास्थ सुविधाओं को बेहतर बनाने और मरीजों के प्रति गंभीरता दिखाते हुए उनका आसानी से इलाज कराने का निर्देश दिया है।  विधायक ने सफाई ठेकेदार को अल्टीमेटम दिया कि अस्पताल की सफाई तीन बार करें वार्ड, टॉयलेट और परिसर की स्वच्छता पर पूरा ध्यान दिया जाए नहीं तो ठेका निरस्ती की अनुशंसा की जाएगी।

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