अन्‍तरा केयर लाइन के जरिए महिलाएं पा सकती हैं समस्‍याओं का निदान

बच्‍चों के बीच अन्‍तर रखने का एक अस्‍थायी गर्भनिरोधक है अन्‍तरा

अंतरा केयरलाईन का नम्‍बर 1800-103-3044

जितेंद्र पाठक, संवाददाता

सतकबीरनगर। महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए अंतरा गर्भ निरोधक इंजेक्शन की शुरुआत की गयी । महिलाओं ने इसे विकल्प के तौर पर चुना तो है पर किसी भी तरह की समस्या होने पर सलाह लेने के लिए अभी भी महिलाएं बात करने से कतरा रही हैं | जबकि उनकी हर तरह की शंकाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अंतरा केयरलाईन की शुरुआत की हैं |  सीएमओ डॉ हरगोविन्‍द सिंह बताते हैं कि अंतरा केयरलाईन 1800-103-3044 के जरिए महिलाएं इससे आसानी से जुड़ सकती हैं |  अंतरा लगवाने वाली महिलाओं के मन में कई तरह के सवाल होते है जिसे वह किसी से भी पूछने पर हिचकिचाती है | ऐसे में इस टोल फ्री नम्बर से वह बड़ी ही आसानी से अपने हर सवालों के जवाब घर बैठे ही ले सकती है टोल फ्री नंबर डायल करने पर अंतरा से जुड़ी हर समस्या की उचित सलाह परामर्शदाता से मिल जाती है | |

 ऐसे जुड़े केयर लाइन से –

अंतरा का पहला इंजेक्शन लगवाते ही लाभार्थी महिला को इस नम्बर पर (1800 103 3044) कॉल कर अपना नाम रजिस्टर्ड करवाना है, ताकि उन्हें उसके बाद समय पर इन्जेक्शन सम्बन्धी परामर्श की सुविधा मिलती रहे। रजिस्टर्ड होने के बाद महिला को केयर लाइन से अगले इंजेक्शन की तारीख भी याद दिलायी जाती है। टोल फ्री नंबर पर दी गई सभी सूचनाएं गोपनीय रखी जाती है | टोल फ्री नम्बर की सुविधा सुबह 8 से रात 9 बजे तक उपलब्ध है।

‘अंतरा’ महिलाओं के लिए सुरक्षित विकल्प

अंतरा इंजेक्शन अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए एक सुरक्षित अस्थायी गर्भनिरोधक विकल्पों में से एक हैं | तीन माह (त्रैमासिक) के अंतराल में लगने वाला यह इंजेक्शन एक बार लगवाने पर तीन माह तक अनचाहे गर्भ से छुटकारा देता हैं | अंतरा इंजेक्शन जिला महिला चिकित्सालयों, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों व उप-केन्द्रों पर लगाया जाता है और यह पूरी तरह से निशुल्क है |

पहली डोज़ लेने पर इन बातो का रखे ख्याल -

उचित स्क्रीनिंग हो जाने पर गर्भनिरोधक इंजेक्शन को किसी भी समय चुना जा सकता है पर पहली डोज़ लेने पर इन बातो का ख्याल रखना चाहिए |

- नियमित मासिक धर्म के बाद कभी भी

- प्रसव के 6 सप्ताह के बाद

- गर्भपात के तुरंत बाद

इंजेक्शन लगाने के बाद इन बातों को न करें नज़रंदाज़-

- जहाँ इंजेक्शन लगा वो उस जगह मालिश न करें

- इंजेक्शन की जगह पर गर्म सिंकाई न करें

- इंजेक्शन लगने के बाद 5-10 मिनट के लिए अस्पताल में ही रुके

इन मिथकों पर न दे ध्यान –

- इसके इस्तेमाल से बांझपन का खतरा रहता है |

- ब्लड प्रेशर में परिवर्तन होने का खतरा रहता है |

- इससे स्तन, गर्भाशय, लीवर कैंसर का खतरा रहता है |

- फ्रैक्चर का खतरा बना रहता है |

अब तक लगाए गए 4717 अन्‍तरा इंजेक्‍शन

जिले में पिछले दो वर्षो में अप्रैल 2019 से पूर्व 1740 अन्‍तरा इंजेक्‍शन लगाए गए थे, और अप्रैल 2019 से अब तक 2977 अन्‍तरा इंजेक्‍शन लगाए गए हैं। सम्‍बन्धित स्‍वास्‍थ्‍य इकाइयों पर महिलाएं हमेशा अन्‍तरा इंजेक्‍शन लगवा सकती हैं।


सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खलीलाबाद में महिला को अन्‍तरा इंजेक्‍शन लगाती हुई डॉo  रेनू यादव

 

 

 

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