यज्ञ और वैदिक संस्कृति ही पूरे विश्व को एक सूत्र में पिरो सकती है-डीआईजी

साँची वाणी संवाददाता
बस्ती। यज्ञ और वैदिक संस्कृति ही पूरे विश्व को एक सूत्र में पिरो सकती है। यज्ञ जहॉ पर्यावरण को शुद्ध करता है वहीं हमारे विचारों को भी पवित्र करता है। इसे जीवन में धारण करने से व्याक्ति राष्ट्रपोषक बनता है और इस पर सबका अधिकार है और सबके लिए अनिवार्य भी है। उक्त बाते आर्य समाज नई बाजार बस्ती के 48वें वार्षिकोत्सव के शुभारम्भ में ध्वजारोहण करते हुए आई जी आशुतोष कुमार ने कही। इससे पूर्व उन्होने आचार्य सोमदेव के सानिध्य में वैदिक यज्ञ भी किया। ध्वजारोहण के पश्चात कार्यक्रम स्थल से एक विशाल शोभा यात्रा पुरानी बस्ती क्षेत्र के मुख्य मार्गां से होकर गुजरी जिसका जगह-जगह राजेन्द्र जायसवाल, मनोज गुप्ता, रामकृष्ण, शंकर जायसवाल, अजीत कसौधन, विनोद कुमार, आनन्द स्वरूप आर्य, आदि ने जलपान व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। आचार्य शैलेन्द्र, पं0 राम मगन आर्य ने लोगों लोगां को चार दिवसीय महोत्सव की सूचना दे रहे थे तो दूसरी ओर दिनेश आर्य प्रशिक्षक आर्य वीर दल दिल्ली प्रदेश के नेतृत्व में आर्य वीर, वीरांगानओं के शौर्य प्रदर्शन से लोगों के मन में वैदिक धर्म की अमिट छाप पड़ रही थी। वैदिक धर्म की जय, आर्य समाज अमर रहे, वेद की ज्योति जलती रहेगी, ओम का झण्डा उॅचा रहेगा भारत माता की जय, अमर शहीदो की जय इत्यादि गगन भेदी नारो से वातावरण गूॅज रहा था। इस अवसर पर दिनेश शास्त्री एवं देवव्रत आर्य के नेतृत्व में बच्चों ने सर्वांगसुन्दर व्यायाम, लाठी, जूडो, नानचक्र, गोला आदि का प्रदर्शन कर वैदिक संस्कृति की रक्षात्मक प्रक्रिया के दर्शन कराये। साथ ही विभिन्न प्रकार के स्तूपों का प्रदर्शन कर लोगो को हतप्रभ कर दिया।  इस अवसर पर आर्य समाज के प्रधान ओम प्रकाश आर्य ने आम जनमानस को इस वैदिक कार्यक्रम में आने का न्योता देते हुए कहा कि वेद सब सत्य विद्याओं की पुस्तक है वेद का पढ़ना पढ़ाना और सुनना सुनना सब आर्यों का परम धर्म है।



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