प्रगतिशील किसानों को दिया गया जॉन डियर व फॉर्म एन फ़ूड सम्मान
बस्ती । पुस्तक मेले में सोमवार का दिन खासा उत्साह भरा रहा, जनपद के डॉन वास्को स्कूल व एस पी चिल्ड्रेन्स एकेडमी स्कूल के बच्चों ने मेले में लगे स्टालों पर खरीददारी की। वहीँ मेले में प्रगतिशील किसानों को जॉन डियर व फॉर्म एन फ़ूड सम्मान दिया गया और स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया। किसानों सम्मान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीडीओ अरविन्द कुमार पाण्डेय ने कहा की किसानों की आय बढ़ाने के लिए तमाम तरह की योजनायें संचालित है जिससे किसानों की हलात बेहतर हो रही है, साथ ही किसानों को फील्ड लेवल पर बड़े पैमाने पर कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जानकारी दी जा रही है। उपनिदेशक कृषि संजय कुमार त्रिपाठी नें कहा की किसान यंत्रीकरण के जरिये खेती में श्रम के साथ लागत में कमी ला सकते हैं, इसके लिए सरकारी लेवल पर इनसीटू जैसी तमाम योजनायें संचालित है जिसे किसानों तक पूरी पारदर्शिता से पहुचानें का काम किया जा रहा है उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के टिप्स भी दिए। जॉन डियर ट्रैक्टर के अधिकारी आकाश पिल्लई ने जान डियर ट्रैक्टर की खूबियों की जानकारी दी। उन्होंने जान डियर ट्रैक्टर के विभिन्न माडलों की भी जानकारी दी। एसपी आटोमोबाइल्स के मालिक अखिलेश दूबे ने ने बताया की किस तरह जान डियर ट्रैक्टर दुनिया के कई देशों में किसानों को बेहतर सेवाएं दे रहा है। 'कृषि विज्ञान केंद्र' के राघवेन्द्र विक्रम सिंह ने 'कृषि विज्ञान केंद्र' के माध्यम से किसानों को मुहैया कराई जा रही उन्होंने सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस आयोजन में बस्ती सहित आसपास के जिलों से आए कई किसानों ने अपनी सफलता की कहानियां लोगों के सामने रखीं। डेरी व्यवसाय से जुड़े राममणि तिवारी ने कहा कि उन्होंने बिना किसी मदद के खुद ही डेरी की शुरुआत की थी। आज उन की डेरी में तमाम प्रोडक्ट बनते हैं, जिन में खोया, पनीर व दही वगैरह शामिल हैं। उम्दा किस्म के होने की वजह से उन के उत्पादों की दूसरे जिलों में भी खूब मांग है। हर्रैया तहसील की कृष्णावती ने खुद द्वारा मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में अपनी सफलता की कहानी को बताया। बलिया से शैलेन्द्र राय, सिद्धार्थनगर से श्रीधर पाण्डेय ने भी अपने अनुभव शेयर किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्नल के सी मिश्र ने की। अतिथियों ने कृषि क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले किसानों को सम्मानित किया। इन में कर्नल केसी मिश्र, श्रीधर पांडेय, शोभित मिश्र, बाराबंकी के नरेन्द्र शुक्ल, सीए अजीत कुमार चौधरी, बलिया से शैलेन्द्र कुमार राय, रंगनाथ मिश्र, हरिनाथ राजभर, बस्ती से सुभाष, उदय प्रताप सिंह, राणा प्रताप सिंह, राम चन्द्र , शिवेंद्र सिंह, रमेश पाण्डेय, अजय अग्रवाल, राममणि तिवारी, बाबूराम मार्कण्डेय मिश्र शामिल रहें। लखनऊ की दिति बाजपेयी को कृषि पत्रकारिता के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से बृहस्पति पांडेय, पंकज त्रिपाठी, राममूर्ति मिश्रा, सचिन्द्र शुक्ल, आशुतोष मिश्र, शशांक, विकास कसौधन का खास योगदान रहा।